आहिस्ता चल जिंदगी

आहिस्ता चल ज़िन्दगी अभी क़र्ज़ चुकाना बाकी है
कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है

रफ्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गए कुछ छुट गए
रूठों को मनाना बाकी है छूटो को भुलाना बाकी है

कुछ हसरतेंभी अधूरी है कुछ काम भी और ज़रूरी है
इन साँसों पर हक है जिनका उनको समझाना बाकी है

आहिस्ता चल जिंदगी अभी खुशियों का खजाना बाकी है
ढेर सारी अफवाहों में एक और अफसाना बाकी है

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